जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा: मोदी सरकार में महत्वपूर्ण बदलावमोदी सरकार के मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भिजवा दिया है, जिसे मंजूरी भी मिल गई है। यह घटना उस समय हुई है जब देश में कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएँ गर्म हैं। जॉर्ज कुरियन की स्थिति को लेकर भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया था, जिसका श्रेय उनके इस्तीफे को दिया जा रहा है।

### इस्तीफे का कारण और राजनीतिक स्थिति
कुरियन ने 21 जून को अपने राज्यसभा कार्यकाल को समाप्त किया था और इसके बाद से उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मोदी सरकार की साथ आने वाली संभावित बदलावों का हिस्सा है। जॉर्ज कुरियन, जो कि देश के एकमात्र ईसाई मंत्री थे, ने इसे व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए राजनीति से हटने का समय समझा।

### भविष्य की संभावनाएं
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद, अब सवाल उठता है कि क्या यह केवल एक व्यक्तिगत निर्णय है या इससे मोदी सरकार में व्यापक बदलाव होने जा रहे हैं। राजनीतिक समीक्षक इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि क्या केंद्रीय मंत्रिमंडल में इस तरह के फेरबदल आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे।

इस घटनाक्रम को देखते हुए सभी राजनीतिक दल और प्रशंसक नजर बनाए हुए हैं। जॉर्ज कुरियन की छवि और उनके राजनीतिक कदम भारतीय राजनीति पर असर डाल सकते हैं।

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